Parliament : संसद के बजट सत्र का सोमवार से दूसरा चरण शुरू हो रहा है। इसके भी हंगामेदार रहने के आसार हैं। सत्र के पहले दिन लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए विपक्ष के प्रस्ताव पर चर्चा होगी। इसके लिए एनडीए और विपक्षी गठबंधन के दलों ने अपने सांसदों को उपस्थित रहने का व्हिप भी जारी किया है। हालांकि सरकार के संख्या बल के आधार पर विपक्ष का प्रस्ताव पारित होने की उम्मीद नहीं है। 9 मार्च से 2 अप्रैल तक चलने वाले इस दूसरे चरण में पश्चिम एशिया के संघर्ष से लेकर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर भी पक्ष-विपक्ष में तकरार के आसार हैं। बजट सत्र के पहले चरण में 28 जनवरी से 13 फरवरी कार्यवाही चली थी।
विपक्ष ईरान के खिलाफ अमेरिका-इस्राइल के संयुक्त हमले से पश्चिम एशिया में उपजे संकट और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर सरकार को घेरने की भी तैयारी कर रहा है। वहीं, सत्ता पक्ष की ओर से बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अपमान के मुद्दे को पूरे जोरशोर से उठाए जाने की संभावना है।
बजट सत्र के पहले दिन सोमवार को लोकसभा में प्रश्नकाल के बाद 118 विपक्षी सांसदों की तरफ से स्पीकर को हटाने संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होगी। विपक्ष ने कार्यवाही संचालन में स्पीकर पर विपक्ष के अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाया है। हालांकि, सरकार के पास 290 से अधिक सांसदों के समर्थन के कारण प्रस्ताव के पारित होने की उम्मीद नहीं है।
सरकार स्पीकर को पद से हटाने संबंधी प्रस्ताव पर बेहद कड़ा रुख अपनाने की तैयारी में है। चर्चा में भाग लेने वाले सांसद और मंत्री कांग्रेस के संसदीय परंपराएं तोड़ने को मुद्दा बनाएंगे।
पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के अपमान के मामले में सरकार के रुख को देखते हुए तय माना जा रहा है कि इसे बड़ा मुद्दा बनाया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस मुद्दे पर ममता बनर्जी सरकार की तीखी आलोचना कर चुके हैं। ऐसे में बजट सत्र का दूसरा चरण भी पहले चरण की तरह ही सरकार और विपक्ष के बीच वार-पलटवार का गवाह बन सकता है।
विपक्ष क्यों लाया स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव
विपक्षी दलों का आरोप है कि उन्हें बहस के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया जाता और उनके नोटिसों को पक्षपातपूर्ण तरीके से स्वीकार नहीं किया जाता। कांग्रेस का कहना है कि नेता विपक्ष राहुल गांधी के बोलने के लिए खड़े होने के दौरान अक्सर उनका माइक बंद कर दिया जाता है।
विपक्ष ने स्पीकर के उस बयान पर भी आपत्ति जताई है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि महिला सांसद सदन में प्रधानमंत्री पर हमले की योजना बना रही थीं। विपक्ष का कहना है कि यह आरोप पूरी तरह निराधार है और स्पीकर को इस पर स्पष्टीकरण और सबूत देना चाहिए।
हटाने की कोशिश सफल होने के आसार नहीं
संविधान में स्पीकर को हटाने का प्रावधान अनुच्छेद 94(सी) के तहत दिया गया है। इसमें कहा गया है कि स्पीकर को लोकसभा के प्रस्ताव के जरिए हटाया जा सकता है। हालांकि, यह महाभियोग की प्रक्रिया से अलग है और इस प्रस्ताव को पारित कराने के लिए सदन के तत्कालीन सभी सदस्यों के बहुमत की जरूरत होती है।
सीधे शब्दों में कहें तो इसमें सभी सदस्यों की मौजूदगी और उनका मतदान करना जरूरी होता है। अगर सदन की कुल सदस्य संख्या 543 है, तो स्पीकर को हटाने के लिए कम से कम 272 वोटों की जरूरत होगी, चाहे सदन में कितने भी सदस्य गैरमौजूद हों या मतदान में हिस्सा न ले रहे हों।
पश्चिम एशिया की स्थिति पर आज बयान देंगे जयशंकर
विदेश मंत्री एस जयशंकर सोमवार को पश्चिम एशिया की स्थिति पर लोकसभा में बयान देंगे। यह जानकारी बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू होने से एक दिन पहले पहले जारी संसदीय कार्य सूची में सामने आई है। विपक्ष ने सदन में पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की मांग की है। रविवार शाम जारी 9 मार्च की संशोधित कार्यसूची के मुताबिक, जयशंकर पश्चिम एशिया की स्थिति पर बयान देंगे। इससे पहले, शनिवार तक कार्यकारी सूची में विपक्ष समर्थित पर उस प्रस्ताव पर चर्चा ही सूचीबद्ध थी जिसमें ओम बिरला को लोकसभा अध्यक्ष पद से हटाने की मांग की गई है।
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