Bangladeshi Infiltrators : अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने अवैध घुसपैठ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर के विभिन्न स्थानों से 290 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पूछताछ में 131 अवैध बांग्लादेशी पाए गए हैं, जबकि अन्य 160 संदिग्ध हैं, जिनसे पूछताछ चल रही है। यह जानकारी क्राइम ब्रांच की ओर से दी गई है। देर रात चलाए गए एक बड़े अभियान में अहमदाबाद पुलिस और क्राइम ब्रांच ने चंडोला, गुलाबनगर और खोडियारनगर क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए 290 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया। इनमें से 131 लोगों की पहचान अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों के रूप में की गई है, जबकि करीब 160 अन्य संदिग्धों से सघन पूछताछ की जा रही है।
घुसपैठ के खिलाफ शहरव्यापी अभियान जारी
अधिकारियों के अनुसार, पुलिस द्वारा पूरे शहर में लोगों के दस्तावेजों का सत्यापन और प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है तथा सभी संदिग्धों की पहचान और नागरिकता संबंधी विवरणों का सत्यापन किया जा रहा है। अहमदाबाद पुलिस ने बताया कि अभियान के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
बीते साल शुरू हुई थी कार्रवाई
गौरतलब है कि पिछले साल गुजरात पुलिस और अहमदाबाद नगर निगम ने अवैध प्रवासियों और अवैध बस्तियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया था। विशेष रूप से चंडोला झील क्षेत्र में व्यापक कार्रवाई की गई थी। उस दौरान 6,500 से अधिक लोगों को अवैध बांग्लादेशी प्रवासी होने के संदेह में हिरासत में लिया गया था, जिनमें से लगभग 890 लोग अहमदाबाद से पकड़े गए थे। इन लोगों की नागरिकता और पहचान की पुष्टि के लिए पूछताछ की गई थी।
चंडोला झील इलाके में हजारों अवैध नागरिक मिले
कार्रवाई के बाद नगर निगम ने चंडोला झील के आसपास बने हजारों अवैध मकानों और ढांचों को भारी मशीनों की मदद से ध्वस्त कर दिया था। चंडोला झील एक संरक्षित जलाशय क्षेत्र है। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद अवैध रूप से रह रहे लोगों को उनके देश वापस भेजने की प्रक्रिया भी अपनाई गई थी।
देशभर में घुसपैठ के खिलाफ अभियान चल रहा
इस बीच, देशभर में अवैध घुसपैठ के खिलाफ अभियान तेज किया गया है। केंद्र सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा और संसाधनों पर बढ़ते दबाव का हवाला देते हुए बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और कार्रवाई पर जोर दे रही है। भारत-बांग्लादेश सीमा से लगे क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ाई गई है और सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए विभिन्न स्तरों पर कदम उठाए जा रहे हैं।










