TCS Case : निदा खान को नासिक पुलिस ने हिरासत में लिया, जबरन धर्मांतरण मामले में हैं आरोपी

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TCS Case : महाराष्ट्र के नासिक में मौजूद आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की स्थानीय यूनिट में काम करने वाली महिला कर्मचारियों के साथ कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के मामले में फरार चल रही आरोपी निदा खान का नासिक पुलिस ने छत्रपति संभाजीनगर से हिरासत में लिया है। नासिक पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक ने बताया कि यह गिरफ्तारी छत्रपति संभाजीनगर पुलिस और वहां की क्राइम ब्रांच की मदद से की गई। यह मामला नासिक के देवळाली कैंप पुलिस स्टेशन में दर्ज है।

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निदा खान पर क्या हैं आरोप?

आरोप है कि कंपनी की एक महिला कर्मचारी निदा खान अपने सहकर्मियों को इस्लामी रीति-रिवाजों का पालन करने, नमाज पढ़ने और मांसाहारी भोजन खाने के लिए दबाव डालती थी। इस केस में एक महिला ऑपरेशंस मैनेजर समेत आठ लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। टीसीएस ने भी इन आरोपों पर सख्त एक्शन लेते हुए आरोपी कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह पूरा मामला निदा खान के ही एक सहकर्मी की शिकायत पर आधारित है। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने अपनी पेशेवर स्थिति का फायदा उठाते हुए पीड़ित को डराने और उसे धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने की कोशिश की।

अदालत से नहीं मिली थी राहत

इससे पहले 18 अप्रैल को निदा खान ने अपनी गर्भावस्था का हवाला देते हुए अग्रिम जमानत और गिरफ्तारी से अंतरिम राहत की मांग की थी, लेकिन नासिक की अदालत ने 2 मई को उसकी याचिका खारिज कर दी थी। पुलिस ने निदा खान के खिलाफ यौन उत्पीड़न, मानहानि और धार्मिक भावनाएं आहत करने समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। चूंकि शिकायतकर्ता अनुसूचित जाति से है, इसलिए एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी को यह जानकारी होने के बावजूद धार्मिक दबाव बनाया गया।

महिला कर्मचारियों ने खोली पोल

बता दें कि, टीसीएस नासिक यूनिट की आठ महिला कर्मचारियों ने हिम्मत दिखाकर वरिष्ठ सहयोगियों के खिलाफ मोर्चा खोला है। आरोप लगाया गया है कि वरिष्ठ अधिकारियों ने न केवल उनका मानसिक और शारीरिक शोषण किया, बल्कि उन पर धर्म परिवर्तन के लिए भी दबाव बनाया। गंभीर बात यह है कि जब महिलाओं ने इसकी शिकायत कंपनी के एचआर विभाग से की, तो उसे पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया।

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