Vijayadashami 2025 : राष्ट्रपति मुर्मु और पीएम मोदी ने दी विजयादशमी की शुभकामनाएं

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नई दिल्ली। Vijayadashami 2025 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को विजयादशमी के पावन अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस त्योहार को सत्य और धर्म की जीत का प्रतीक बताते हुए देशवासियों से साहस, बुद्धिमत्ता और भक्ति के पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा लेने की कामना की।

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विजयादशमी या दशहरा शारदीय नवरात्रि के समापन पर मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के आश्विन मास की दशमी तिथि को यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पर्व हर किसी को सत्य और धर्म के मार्ग पर अडिग रहने की शक्ति देता है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “विजयादशमी अच्छाई और सत्य की बुराई और असत्य पर विजय का प्रतीक है। मेरी कामना है कि इस पवित्र अवसर पर सभी को साहस, बुद्धि और भक्ति के पथ पर निरंतर प्रगति करने की प्रेरणा मिले।”

राष्ट्रपति मुर्मु ने भी दी शुभकामनाएं

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी विजयादशमी के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने X पोस्ट में लिखा कि यह त्योहार धर्म की अधर्म पर जीत का प्रतीक है और हमें सत्य व न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने रावण दहन और दुर्गा पूजा जैसे उत्सवों को राष्ट्रीय मूल्यों का प्रतीक बताया, जो हमें क्रोध और अहंकार जैसे नकारात्मक गुणों को त्यागकर साहस और दृढ़ता अपनाने का संदेश देते हैं।

राष्ट्रपति ने यह भी कामना की कि यह पर्व समाज और देश को न्याय, समानता और सौहार्द के विचारों से प्रेरित करे, ताकि सभी लोग एक साथ प्रगति करें।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी दी शुभकामना संदेश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी विजयादशमी पर अपने शुभकामना संदेश में कहा, “सत्य, धर्म, मूल्यों और शाश्वत सिद्धांतों की विजय का प्रतीक यह महान पर्व सभी को हार्दिक बधाई।”

उन्होंने प्रभु श्रीराम की कृपा से हर दिल में धर्म और सत्य का प्रकाश फैलने की कामना की।

क्यों मनाई जाती है विजयादशमी?

विजयादशमी शब्द ‘विजय’ यानी जीत और ‘दशमी’ यानी दसवें दिन से मिलकर बना है। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव है।

देशभर में इसे रावण दहन, दुर्गा पूजा और अन्य परंपराओं के साथ उत्साह से मनाया जाता है। यह पर्व न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह हमें नैतिकता, साहस और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा भी देता है।

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